
रायपुर-छत्तीसगढ़ सरकार ने CGPSC परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। अब से PSC परीक्षाओं में शामिल होने वाले हर अभ्यर्थी को आधार कार्ड के माध्यम से e-KYC कराना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने इसके लिए 23 जून 2025 को अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें कहा गया है कि आधार के जरिए e-KYC से आयोग को अभ्यर्थियों की पूरी जानकारी (नाम, जन्मतिथि, फोटो, पता आदि) पहले से मिल जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि परीक्षा में कोई फर्जी व्यक्ति या डमी कैंडिडेट शामिल न हो।
नई व्यवस्था में क्या होगा बदलाव…?
अब PSC परीक्षा फॉर्म भरने के बाद अभ्यर्थी का आधार से e-KYC किया जाएगा। इससे अभ्यर्थी की पहचान का पूरा डेटा सीधे आयोग के पास सुरक्षित रहेगा। परीक्षा केंद्रों पर आधार डिटेल से मिलान कर परीक्षा में शामिल होने दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे डुप्लीकेट,फर्जी और भ्रामक पहचान से जुड़े मामले पूरी तरह खत्म होंगे।
क्या हैं अधिसूचना में उल्लेख…?
राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि “छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग अब उम्मीदवारों की पहचान की पुष्टि के लिए आधार आधारित e-KYC का उपयोग कर सकता है। यह पूरी प्रक्रिया स्वैच्छिक होगी, लेकिन जिन उम्मीदवारों की e-KYC होगी, उनके डेटा के आधार पर पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।”
आख़िरकार फर्जीवाड़े पर सख्ती क्यों जरूरी थी…?
हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बैठाने, फर्जी पहचान और पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इससे परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे थे। अब e-KYC से प्रत्येक उम्मीदवार की एक यूनिक पहचान तैयार की जाएगी, जिससे धोखाधड़ी की कोई गुंजाइश नहीं होगी।
सरकार का उद्देश्य–पारदर्शिता और भरोसा…
मुख्यमंत्री कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग का कहना है कि इस फैसले से PSC परीक्षाएं पहले से ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित होंगी। अभ्यर्थियों को भी यह भरोसा मिलेगा कि परीक्षा में कोई फर्जी व्यक्ति उनका मौका नहीं छीन पाएगा।
