एक करोड़ के इनामी नक्सली नेता हिड़मा की नई तस्वीर आई सामने, 16 साल की उम्र में ही थाम लिया था हथियार…..

Spread the love

 

जानिए कैसे बना नक्सली हमलों का मास्टर माइंड…

बस्तर– छत्तीसगढ़ के बस्तर में अपनी पैठ रखने वाले एक करोड़ के इनामी नक्सली माडवी हिड़मा की नई तस्वीर सामने आई है,फोर्स की नजर इस खूंखार नक्सली पर है,अब तक पुलिस के पास हिड़मा की एक ही तस्वीर थी,जब वह नक्सल संगठन ज्वाइन किया था। वर्षों पुरानी एक तस्वीर के सहारे ही पुलिस उसे ढूंढ रही थी। अब उसकी नई तस्वीर सामने आने से पुलिस हिड़मा की आसानी से पहचान कर सकती है,वर्तमान में हिड़मा नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी का मेंबर है और उस पर एक करोड़ का इनाम घोषित है, बता दें कि हिड़मा नक्सली संगठन के कई हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभाता आ रहा है। उसे राज्य के सबसे खतरनाक नक्सलियों में गिना जाता है, साल 2010 के बाद से बस्तर और आसपास के इलाकों में हुई नक्सली घटनाओं का मास्टर माइंड हिड़मा को ही माना जाता है, उस पर अलग-अलग एजेंसियों ने करीब 1 करोड़ का इनाम रखा है,ये कई बार मुठभेड़ों में फंसता रहा है,लेकिन इसकी सिक्योरिटी इतनी तगड़ी है कि इसे सुरक्षित निकाल देती है।हिड़मा के नेतृत्व में नक्सलियों ने कई बार सरकारी अधिकारियों और सुरक्षा जवानों पर हमले किए हैं,इन हमलों में कई लोग घायल और कुछ की मौत भी हुई है। सुरक्षा एजेंसियां हिड़मा को पकड़ने के लिए कई विशेष ऑपरेशन चला चुकी हैं,लेकिन जंगली इलाकों की वजह से उन्हें पकड़ना आसान नहीं हो पा रहा है, सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस नक्सली नेता को खत्म करने के लिए प्रयास कर रही है, ताकि इलाके में शांति बहाल की जा सके।

जानिए कौन है हिड़मा

हिड़मा सुकमा के पूवर्ती गांव का रहने वाला है, उसका जन्म 1980 के दशक के आसपास हुआ था और उसने 1990 के दशक के शुरुआत में नक्सलवादी आंदोलन से जुड़कर हिंसा का रास्ता अपना लिया था,उस समय से वह लगातार माओवादी गतिविधियों में संलिप्त रहा है, हिड़मा की नेतृत्व क्षमता ने उसे नक्सली संगठन में एक उच्च स्थान दिलाया, 2001 और 2007 के बीच हिड़मा एक सामान्य नक्सली था, लेकिन सलवा जुडूम के खिलाफ उत्पन्न हुई आक्रोश भावना ने उसे एक कुख्यात नक्सली नेता बना दिया। सलवा जुडूम के खिलाफ नक्सलियों ने अपने प्रतिरोध को और तेज किया और यही वह समय था जब हिड़मा को अपनी राजनीतिक और सैन्य शक्तियों को बढ़ाने का मौका मिला, 2007 में उरपल मेट्टा क्षेत्र में पुलिस पर हमला किया गया था,जिसमें सीआरपीएफ के 24 जवान शहीद हो गए थे,यह हमला हिडमा के नेतृत्व में हुआ था, इसके बाद से वह नक्सलियों के लिए एक प्रमुख सेनापति के रूप में उभरा, वह माओवादियों के पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन-1 का नेतृत्व किया है और वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZ) का एक महत्वपूर्ण सदस्य भी है, वर्तमान में हिड़मा नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी का मेंबर है।

कई मुठभेड़ों का है आरोपी

हिड़मा ताड़मेटला सहित कई बड़ी घटनाओं का आरोपी है, ताड़मेटला में देश का सबसे बड़ा नक्सली हमला हुआ था, इसमें सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा बुरकापाल, टेकलगुड़म, मिनपा,भेजी, कोत्ताचूरू और झीरम कांड के साथ करीब 27 से ज्यादा वारदातों में हिड़मा का नाम सामने आया है। बताया जाता है कि हिड़मा बहुत तेज-तर्रार है और तकनीकी चीजों को बहुत तेजी से सीखता था, इसी वजह से महज 16 साल की उम्र में ही उसे नक्सलियों ने बच्चों की विंग का अध्यक्ष बना दिया था,हिड़मा ज्यादातर दक्षिण सुकमा क्षेत्र में रहता है, उसके अधीन 150 से अधिक कमांडर हैं,जो प्रशिक्षित।

LATIF MOHAMMAD

LATIF MOHAMMAD /PRADESH EXPRESS 24

Related Posts

धान खरीदी की तारीख में बढ़ोत्तरी, मनरेगा-एक्ट के नाम में बदलाव के खिलाफ प्रदेशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन,नेशनल हाइवे में चक्काजाम…..

Spread the love

Spread the love देवभोग:- महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम और धान खरीदी की तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम…

जिले में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस,खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने ध्वजारोहण कर परेड की ली सलामी…

Spread the love

Spread the love स्कूली बच्चों ने कला संस्कृति और देश भक्तिमय सांस्कृतिक कार्यक्रम की दी प्रस्तुति,विभागों ने प्रस्तुत किए आकर्षक झांकी,अधिकारी-कर्मचारियों को किया गया सम्मानित…. गरियाबंद:- जिले में राष्ट्रीय पर्व…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *