पानी को लिए मचा हाहाकार,महिलाएं हाथों में खाली बर्तन लेकर उतरे सड़क पर,नेशनल हाइवे को किया घंटों जाम….
एसडीएम तुलसीदास मरकाम ने लिया त्वरित संज्ञान,1 घंटे में हुआ समाधान
देवभोग:- जिले के देवभोग विकासखंड के बोईरपारा के ग्रामीणों का शनिवार को सब्र का बांध टूट गया। बता दे कि ग्राम पंचायत माहुलकोट के अधिनस्त ग्राम बोईरपारा में पेयजल संकट से जूझ रहे ग्रामीणों ने शनिवार को नेशनल हाईवे पर उतरकर सड़क को घंटों तक जाम कर दिया। बारिश के बावजूद महिलाएं,बुज़ुर्ग और बच्चे खाली बर्तन लेकर नेशनल हाइवे पर बैठ गए, जिससे नेशनल हाइवे पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। घटना की सूचना जैसे ही जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप को मिली, उन्होंने देवभोग एसडीएम तुलसीदास मरकाम को मौके पर भेजा। साथ में पीएचई विभाग के अधिकारी भी तत्काल पहुंचे। घंटों चले प्रदर्शन और समझाइश के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने बोईरपारा गांव के लिए एक नए हैंडपंप की स्वीकृति दी, तब जाकर ग्रामीणों ने रास्ता खाली किया।
गांव के पुराने हैंडपंप खराब, सुशासन समाधान शिविर में शिकायत के बाद भी नहीं हुआ सुधार
माहुलकोट के बोईरपारा गांव में 50 से अधिक परिवार रहते हैं,लेकिन दोनों पुराने हैंडपंप कई दिनों से खराब पड़े हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने सुशासन तिहार जैसे सरकारी कार्यक्रमों में भी गुहार लगाई थी,लेकिन किसी ने सुध लेने की जहमत नहीं उठाई । पानी की किल्लत बढ़ती गई और अंततः ग्रामीणों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
स्थानीय प्रशासन के आश्वासन के बाद जाम हटा
हाइवे जाम की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि नए हैंडपंप की जल्द खनन की जाएगी और खराब पड़े पुराने हैंडपंपों की भी मरम्मत होगी। साथ ही अधिकारियों ने यह भी कहा गया कि ऐसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए लंबी योजना बनाई जा रही है।

“मामले में देवभोग एसडीएम डॉ. तुलसीदास मरकाम ने कहा कि ग्रामीणों की मांग अनुरूप समस्या का समाधान पीचई विभाग के द्वारा पुराने नल को सुधार कर त्वरित किया गया हैं,जिला पंचायत से नए नल खनन प्रस्तावित है वो भी एक दो दिन में हो जाएगा।”


