सुकमा में नक्सली हमला : IED ब्लास्ट में कोंटा ASP आकाश राव हुए शहीद, TI और SDOP घायल इलाज जारी…..

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जानिये नक्सल इतिहास की वो तीन बड़ी वारदात,जिसमें छत्तीसगढ़ ने खोया बहादूर अफसर

रायपुर:- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों ने फिर एक बार कायराना हरकत को अंजाम देते हुए एक बड़े IED(इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस)ब्लास्ट को अंजाम दिया। इस हमले में कोंटा के ASP आकाश राव गिरपुंजे शहीद हो गए,जबकि कोंटा के थाना प्रभारी और SDOP गंभीर रूप से घायल हो गए।यह घटना कोंटा-गोलापल्ली मार्ग पर उस समय हुई,जब पुलिस दल नए कैंप की स्थापना एवं कोंटा से 5 किमी दूर डोंडा के जंगल में मौजूद चिकवार गुड़ा खदान में नक्सलियों ने कल रात आगजनी की थी। पोकलेन मशीन को आग के हवाले किया था। एएसपी और उनकी टीम इस आगजनी की घटना की तफ्तीश कर कोंटा लौट रहे थे।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम…

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना 9 जून 2025 को सुकमा जिले के डोंडरा क्षेत्र में कोंटा-गोलापल्ली मार्ग पर हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव अपनी टीम के साथ गोलापल्ली की ओर नए सुरक्षा कैंप की स्थापना एवं कोंटा से 5 किमी दूर डोंडा के जंगल में मौजूद चिकवार गुड़ा खदान में नक्सलियों ने कल रात आगजनी की थी। पोकलेन मशीन को आग के हवाले किया था। एएसपी और उनकी टीम इस आगजनी की घटना की तफ्तीश करने के लिए गए थे। इस दौरान वे पैदल गश्त पर थे, ताकि क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और भाकपा (माओवादी) द्वारा 10 जून 2025 को घोषित “भारत बंद” के आह्वान के मद्देनजर किसी भी संभावित नक्सली हमले को रोका जा सके। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से लगाए गए प्रेशर IED की चपेट में पुलिस दल आ गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि ASP आकाश राव की गाड़ी को पूरी तरह उड़ा दिया गया। इस हमले में ASP आकाश राव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल कोंटा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हमले में कोंटा के थाना प्रभारी और SDOP भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है।

पुलिस की प्रतिक्रिया

हमले की सूचना मिलते ही अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर रवाना किया गया। पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की टीमें इलाके की घेराबंदी कर हमलावर नक्सलियों की तलाश में जुट गई हैं। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) पी. सुंदरराज ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ASP आकाश राव और उनकी टीम क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को रोकने के लिए सक्रिय थे। उन्होंने इस हमले को नक्सलियों की बौखलाहट का नतीजा बताया, क्योंकि सुरक्षा बलों ने हाल के महीनों में नक्सलियों के खिलाफ कई सफल ऑपरेशन किए हैं।

नक्सलियों का “भारत बंद” और बढ़ती हिंसा

भाकपा (माओवादी) ने 10 जून 2025 को “भारत बंद” का आह्वान किया है, जिसके तहत वे विभिन्न क्षेत्रों में हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सुकमा,बीजापुर और नारायणपुर जैसे जिले नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों द्वारा हाल के समय में कई बड़े ऑपरेशन चलाए गए हैं,जिनमें कई वरिष्ठ नक्सली कमांडरों को या तो मार गिराया गया या गिरफ्तार किया गया। मई 2025 में नारायणपुर जिले में हुए “ऑपरेशन कगार” में नक्सली नेता नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू के मारे जाने की घटना इसका एक उदाहरण है। ऐसे में नक्सलियों की यह हरकत उनकी हताशा और सुरक्षा बलों पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। ASP आकाश राव और उनकी टीम का यह मिशन नक्सली गतिविधियों को रोकने और स्थानीय लोगों को सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।           

शहीद ASP आकाश राव का योगदान

ASP आकाश राव गिरिपुंजे सुकमा जिले में नक्सल विरोधी अभियानों में अपनी सक्रिय भूमिका के लिए जाने जाते थे। उनकी बहादुरी और समर्पण ने क्षेत्र में सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके शहीद होने की खबर से पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन में शोक की लहर दौड़ गई है।

घायलों की स्थिति

कोंटा TI और SDOP, जो इस हमले में घायल हुए हैं, उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। पुलिस और प्रशासन घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

नक्सल समस्या का संदर्भ

सुकमा और बस्तर क्षेत्र लंबे समय से नक्सली हिंसा से प्रभावित रहा है। हाल के वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार ने नक्सलवाद को खत्म करने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में दावा किया था कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। इस दिशा में सुरक्षा बलों ने कई सफल ऑपरेशन किए हैं, लेकिन नक्सलियों द्वारा इस तरह के कायराना हमले उनकी हार न मानने की मानसिकता को दर्शाती हैं।

सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में अपनी कार्रवाई और तेज की

यह हमला एक बार फिर नक्सलियों की क्रूरता और सुरक्षा बलों के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर करता है। ASP आकाश राव का बलिदान देश और समाज के प्रति उनकी निष्ठा का प्रतीक है। इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने क्षेत्र में अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है, ताकि नक्सलियों को और नुकसान पहुंचाया जा सके। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और नक्सलियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

नक्सली हमले की तीन बड़ी वारदात,जहां छग ने खोया बहादुर अफसर

1. सबसे पहले एडिश्नल एसपी भास्कर दीवान हुए थे शहीद..

साल 2009 में मदनवाड़ा में राजनांदगाव के एसपी बीके चौबे की शहादत, उस वक्त पुलिस इतिहास की सबसे बड़ी घटना थी। लेकिन काफी कम लोगों को मालूम होगा,कि साल 1998-99 में भी एक बड़ी नक्सल घटना हुई थी, जो उस वक्त की बड़ी घटना थी। साल 1998-99 में नारायणपुर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में एडिश्नल एसपी भास्कर दीवान शहीद हो गये थे।

2. गरियाबंद में 2011 में राजेश पवार को मिली थी वीरगति..

एडिश्नल एसपी की शहादत की एक और घटना करीब 22 साल बाद गरियाबंद में घटी, नक्सली विस्फोट में गरियाबंद में एडिश्नल एसपी राजेश पवार शहीद हो गये थे। राजेश पवार के साथ 10 और पुलिसकर्मी भी वीरगति को प्राप्त हुए थे। जिले के आमामोरा के जंगल में नक्सली गतिविधि की सूचना मिलने के बाद जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश पवार के नेतृत्व में एक पुलिस दल को नक्सलियों को पकड़ने के लिए भेजा गया था। एडिश्नल एसपी के साथ दल में 10 पुलिसकर्मी शामिल थे। इस घटना में गरियाबंद पुलिस जिले के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश पवार, आरक्षक कृष्ण कुमार, आरक्षक ओमेश्वर ठाकुर,आरक्षक धनेश्वर,आरक्षक भीष्म यादव, आरक्षक भोलाराम साहू,आरक्षक संतोष ठाकुर, आरक्षक चालक किशोर पांडेय तथा एसपीओ गौरव शहीद हो गए थे।

3.सुकमा में एएसपी आकाश राव शहीद..

सुकमा के कोंटा के पास फंडीगुड़ा में नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट में एएसपी आकाश राव शहीद हो गये। उन्हें गंभीर रूप से घायल हालत में अस्पताल लाया गया था। ब्लास्ट में थाना प्रभारी सोनल ग्वाला भी घायल हुए हैं। उन्हे कोंटा में लाया गया है और रायपुर रेफर करने की तैयारी चल रही है, इससे पहले कोंटा से 5 किमी दूर डोंडा के जंगल में मौजूद चिकवार गुड़ा खदान में नक्सलियों ने कल रात आगजनी की थी। पोकलेन मशीन को आग के हवाले किया था। एएसपी और उनकी टीम इस आगजनी की घटना की तफ्तीश करने गए थे। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा,“एएसपी सुकमा आकाश राव गिरिपंजे ने कोंटा-एर्राबोरा रोड पर डोंड्रा के पास आईईडी विस्फोट में घायल होने के बाद अपने प्राणों की आहुति दे दी।वह एक बहादुर जवान थे और उन्हें कई वीरता पुरस्कार दिए गए थे,यह हमारे लिए दुखद क्षण है, तलाशी और अभियान शुरू कर दिया गया है।

LATIF MOHAMMAD

LATIF MOHAMMAD /PRADESH EXPRESS 24

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