अध्यक्ष चुनाव में महिला सरपंचों को किया गया दरकिनार, सरपंच के जगह सरपंच पति(SP)ने दिया सहमति
देवभोग:- देवभोग जनपद पंचायत अंतर्गत सरपंच संघ अध्यक्ष का चुनाव आरोपों प्रत्यारोप के बीच विवादों में रहा। एक गुट ने अपना संघ का अध्यक्ष पवन कुमार यादव बनाया तो दूसरे गुट ने महिलाओं को बिना बुलाए चुनाव सम्पन्न कराने का आरोप लगाया हैं। बता दे सरपंच संघ अध्यक्ष चुनाव को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर डूमरपीठा सरपंच रोशनी सोनवानी ने बताया कि सरपंच संघ का चुनाव मंगलवार को स्थानीय विश्राम गृह में किया जाना था,जहां 53 पंचायत के सरपंचों को एकत्रित होकर संघ के अध्यक्ष चुनने के लिए बैठक रखी गई,किंतु जहां सरपंचों को एकत्रित होना था वहीं सरपंच पति पहुंच गए जिससे अगले बैठक के लिए तय तिथि के बाद चुनाव सम्पन्न कराने के लिए चर्चा किया गया, जिसमें सभी महिला एवं पुरुष सरपंचों की उपस्थिति पर सहमति भी बना। अचानक अगले दिन कुछ सरपंचों के द्वारा सभी सरपंचों को बिना सूचना दिए सरपंच संघ अध्यक्ष का चुनाव कराया गया। जिससे महिला सरपंचों में नाराजगी हैं और शासन प्रशासन के द्वारा लगातार महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए देवभोग ब्लॉक में 50 प्रतिशत से ज्यादा आरक्षण महिलाओं को दिया गया, जहां 53 ग्राम पंचायत में से 33 पंचायतों में महिला सरपंच चुनकर भी आए। महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के सरकार अनेक प्रकार योजना संचालित कर रही,जिससे वे खुलकर हर क्षेत्र में आगे आए।इसी तारतम्य में पंचायत संबंधित क्रियाकलापों में बाधा उत्पन्न न हो जिसके लिए जिला पंचायत सीईओ के द्वारा आदेश भी जारी किया जा चुका हैं कि सरपंच पति पंचायत संबंधित किसी कार्य में हस्तक्षेप नहीं कर सकते,किंतु इसके विपरीत आज सरपंच संघ अध्यक्ष चुनाव में देखने को मिला जहां चुनने का अधिकार महिला सरपंचों को था वहां सरपंच पतियों(SP)का दखल देखने को मिला, इन सब से यह जाहिर होता हैं कि महिलाओं को दबाने का प्रयास किया जा रहा हैं। उक्त आरोप पर ब्लॉक के अन्य 15 महिला एवं पुरुष सरपंचों ने भी सहमति दिया हैं।

चुनाव सम्पन्न के बाद सीईओ से मिलने पहुंचे संघ के अध्यक्ष समेत सरपंचों में एक भी महिला सरपंच नहीं रही मौजूद:– अध्यक्ष चुनाव सम्पन्न कर सभी सरपंच जनपद पंचायत सीईओ रवि सोनवानी से चर्चा करने पहुंचे, जहां ब्लॉक के 33 महिला सरपंचो में एक भी मौजूद नहीं रही,बल्कि सरपंच पति(SP)मौजूद रहे जो सवालों के घेरों में हैं, इससे यह स्पष्ट होता हैं कि देवभोग विकासखंड में सरपंच पतियों (एसपी)और उनके रिश्तेदारों का कितना दबदबा हैं,इस संबंध में प्रशासन को संज्ञान लेना भी आवश्यक हैं,अक्सर देखा गया हैं कि क्षेत्र में अधिकतर ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच चुनकर तो आते हैं,लेकिन पंचायत का पूरा संचालन सरपंच पतियों या उनके रिश्तेदारों द्वारा किया जाता हैं,इसके रोकथाम के लिए वर्तमान जिला पंचायत सीईओ मरकाम द्वारा आदेश भी जारी किया जा चुका हैं। किंतु आदेश पर अमलीजामा पहनाने का कार्य स्थानीय प्रशासन का हैं जो कि अमल नहीं हो रहा हैं।


