
रायपुर:- राजधानी रायपुर में मौदहापारा थाना परिसर में एक युवक ने पुलिसकर्मियों के सामने ही ब्लेड से अपना गला रेत दिया। यह पूरी घटना थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। युवक की पहचान सूरज जोगी के रूप में हुई है, जो कुशालपुर इलाके का निवासी है।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 29 मई की रात एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मौदहापारा थाना परिसर में एक युवक ने पुलिसकर्मियों के सामने ही ब्लेड से अपना गला रेत दिया। यह पूरी घटना थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। युवक की पहचान सूरज जोगी के रूप में हुई है, जो कुशालपुर इलाके का निवासी है।
“मुझे मरना है” फिर चलाया ब्लेड
रात लगभग 8:05 बजे, सूरज जोगी मौदहापारा थाने पहुंचा और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से सीधा कहा – “मुझे मरना है।” यह सुनकर पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सूरज ने अपने हाथ में छुपाकर रखी ब्लेड निकाली और खुद के गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। घटना इतनी तेजी से हुई कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को उसे रोकने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते सूरज लहूलुहान हो गया और जमीन पर गिर पड़ा।
पुलिस ने दिखाई तत्परता
घटना के तुरंत बाद सीएसपी कोतवाली और मौदहापारा थाना प्रभारी के निर्देश पर घायल सूरज को मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने फिलहाल उसकी हालत को स्थिर बताया है, हालांकि उसे गहन निगरानी में रखा गया है।
नशे की लत बना जानलेवा कारण ?
प्रारंभिक पूछताछ में सूरज के भाई ने पुलिस को बताया कि वह नशे का आदी है और पहले भी इस तरह की आत्मघाती हरकतें कर चुका है। घटना के समय भी वह नशे की हालत में था। हालांकि, आत्महत्या के प्रयास के पीछे की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस कर रही जांच
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज की मदद से पूरी घटना की समयरेखा खंगाली जा रही है। साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि युवक थाने क्यों पहुंचा, क्या उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज था या वह किसी मानसिक दबाव में था।
मामले की प्रमुख बातें
युवक की पहचान सूरज जोगी, निवासी कुशालपुर के रूप में हुई।
मौदहापारा थाने में 29 मई को रात 8:05 बजे की है घटना।
पुलिस के सामने ब्लेड से गला रेतकर आत्महत्या की कोशिश।
युवक की हालत गंभीर थी, अब स्थिति स्थिर बताई जा रही।
परिजनों के अनुसार युवक नशे का आदी है।
पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी
यह घटना पुलिस तंत्र के सामने एक सवाल भी खड़ा करती है — कि थाने में मौजूद व्यक्ति की मानसिक स्थिति को कैसे पहचाना जाए और कैसे रोका जाए ऐसी घटनाओं को, जो खुद के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी चौंका देती हैं।
