
कही भी असुरक्षित रूप से गर्भपात न कराए मरीज:- सीएमएचओ डॉ गार्गी यदु पाल
गरियाबंद–जिले के दूरस्थ क्षेत्र में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य विभाग तत्पर है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ गार्गी यदु पाल के मार्गदर्शन में मैनपुर विकासखण्ड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमलीपदर में सुरक्षित गर्भपात प्रक्रिया की सेवा भी शुरू हो गई है। केंद्र में पदस्थ डॉ इंद्रजीत जितेन्द्र के मौजूदगी से क्षेत्र के लोग आवश्यकता के अनुसार अबॉर्शन की सेवा प्राप्त कर रहे हैं।चिकित्सा अधिकारी के द्वारा अब तक सीएचसी में 18 केस का सफलता पूर्वक सुरक्षित गर्भपात प्रक्रिया(एम टी पी) सम्पन्न कराया गया है। साथ ही 34 संस्थागत प्रसव भी संपन्न कराया गया है। चिकित्सा अधिकारी के पोस्टिंग से सीएचसी में अब संस्थागत प्रसव की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।सीएमएचओ ने बताया कि पहले सुरक्षित गर्भपात के सेवा न होने से अबॉर्शन की प्रक्रिया के लिए दूरस्थ अस्पताल जाना पड़ता था। जिससे समय,धन और स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ता था। साथ ही बिना डॉक्टर के सलाह के स्थानीय स्तर पर ही असुरक्षित रूप से गर्भपात करा लेने से मरीज के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव का खतरा होता था। अब अमलीपदर केंद्र में प्रशिक्षित चिकित्सक की मौजूदगी से सुरक्षित गर्भपात की सेवा मिलने लगी है। इससे आसपास के जरूरतमंद मरीजों को बिना स्वास्थ्य को खतरे में डाले डॉक्टर की सलाह से गर्भपात की सुविधा मिल रही है। सीएमएचओ डॉ गार्गी ने कहा है कि जरूरतमंद मरीज बिना चिकित्सक के सलाह के कही भी जाकर स्थानीय स्तर पर गर्भपात के कोई भी दवाई खाने से बचे। यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर हानिकारक हो सकता है।गर्भपात करने की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सक से परामर्श लेवे।गर्भपात कानून के दायरे में एवं एकदम आवश्यक होने पर ही डॉक्टरों के उचित सलाह से यह प्रक्रिया की जाती है। उन्होंने इस संबंध में ग्रामीणों को जागरूक होकर आवश्यक चिकित्सा परामर्श लेने की अपील की है।
