गरियाबंद:- जिले में इन दिनों शादी ब्याह का सीजन शुरू हो चुका ऐसे में बाल विवाह के रोकथाम के लिए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में दिखाई दे रहा हैं, इसी कड़ी में जिले की महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला बाल संरक्षण इकाई के टीम बाल विवाह रोकने में कामयाबी मिली है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार मैनपुर विकासखंड के एक गांव में बाल विवाह होने की तैयारी चल रही थी। जिस पर 13 फरवरी 2025 को जिला बाल संरक्षण इकाई एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर बालिका की आयु संबंधी दस्तावेज दाखिल खारिज के आधार पर आयु सत्यापन किया गया। जिसमें बालिका की आयु 15 वर्ष 8 माह होना पाया गया।
ज्ञात हो कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार विवाह के लिए बालिका की आयु 18 वर्ष एवं लड़के की आयु 21 वर्ष पूर्ण होना चाहिए। जिला बाल संरक्षण टीम द्वारा बालिका के परिजनों एवं ग्रामीण जनों को समझाईश दी गई कि बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने पर ही विवाह करें।
सभी लोगों ने उक्त समझाईश पर सहमति जताई। निर्धारित आयु से कम आयु में विवाह करने या करवाने की स्थिति में सम्मिलित व सहयोगी सभी लोग अपराध की श्रेणी में आते है। इसके लिए 02 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता।
